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Sunday, April 17, 2011

कल का प्यार और आज की दोस्ती


                                      कुछ साल पहले तक ये धारणा थी की जवान लड़का और लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते, लेकिन आज जवान लड़का और लड़की सामान्यतः दोस्त ही हो सकते हैं उन दोनों के बीच प्यार नहीं हो सकता. आज लड़का और लड़की के बीच सबकुछ हो जाता है लेकिन कभी भी प्यार का नाम भी नहीं आता है. दोस्ती के नाम पर ही सब कुछ हो जाता है है जो पहले बेइंतहा प्यार रहने के बाबजूद भी बहुत मुश्किल से हो पाता था. 
                 पहले लड़का और लड़की के बीच एक ही रिश्ता होता था और वो रिश्ता था प्यार का, लेकिन अब ऐसा नहीं है अब लड़का और लड़की के बीच कई तरह के रिश्ते होते हैं जैसे - दोस्ती, गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड, लिव इन रिलेशनशिप, और सबसे लेटेस्ट सेक्स बडी {Sex Body}.
                 आज इजहार का तरीका भी बदल गया है, पहले लड़कियों को लोग आई लव यू कह कर इजहार किया करते थे, लेकिन आज प्यार के लिए नहीं दोस्ती के लिए इजहार किया जाता है क्यूंकि अब लड़के लड़कियों के बीच प्यार का नहीं दोस्ती का रिश्ता होता है, प्यार अब दोस्ती में बदलती जा रही है. क्यूंकि अब रिश्ते-नाते, दोस्ती, प्यार सबकुछ प्रैक्टिकल होता जा रहा है. प्यार का दूसरा नाम बंधन होता है और आज की आधुनिक लड़के-लड़कियां किसी भी तरह के बंधन में नहीं बंधना नहीं चाहती इसलिए उन्होंने प्यार को दोस्ती में बदल देना उचित समझा. क्यूंकि प्यार में बफा की उम्मीद करने से पहले बफा निभाना पड़ता है और आज के इस दिल मांगे मोर के ज़माने में बफा की उम्मीद करना मुर्खता ही है जबकि दोस्ती में बफा जैसे किसी शव्द का बंधन नहीं होता. अगर किसी लड़की से आपकी दोस्ती है तो आप उस लड़की पर इस बात का बैंड नहीं लगा सकते की वो सिर्फ आपके साथ ही फिजिकल रिलेशन रखे, क्यूंकि ये प्यार नहीं दोस्ती है आप उस लड़की को कुछ नहीं बोल सकते इसीलिए प्यार को दोस्ती में बदलना जरुरी हो गया था. और अगर इन सबके बावजूद भी कोई आउटडेटेड लड़का किसी लड़की को प्यार का इजहार करता है और किसी कारणवश उस लड़की को उस लड़की पर दया आ गयी तो उस लड़के को जबाव मिलता है - देखो मिस्टर ये प्यार-व्यार भूल जाओ और अगर दोस्ती करना चाहते हो 1000/- रुपये का एंट्री फ़ीस भरो वर्ना रास्ता नापो ............



2 टिप्पणियाँ:

  1. यही तो फर्क है कल और आज में.... :( सार्थक पोस्ट....

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  2. -------- यदि आप भारत माँ के सच्चे सपूत है. धर्म का पालन करने वाले हिन्दू हैं तो
    आईये " हल्ला बोल" के समर्थक बनकर धर्म और देश की आवाज़ बुलंद कीजिये...
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    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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